तीन सगे भाइयों की सच्ची कहानी

तीन बेटों की मां के दुनिया से जाने के बाद किस बेटे को लाभ मिला नमस्कार दोस्त आज मैं जो कहानी बताने जा रहा हूं यह बिल्कुल सच्ची कहानी है पर नाम काल्पनिक हैं । एक मां के तीन लड़के और तीन ही लड़कीयां हैं मतलब छः बहन भाई हैं सब शादीशुदा हैं मां सबसे छोटे पुत्र के पास रहती थी!तीनों बेटों ने जब अपनी खेती की जमीन बेची तो तीनों बेटों ने अपनी मां को बुढापे के सहारे के लिए 1;50.000 रुपए दिए ताकी जरूरत पड़ने पर किसी से पैसा मांगना न पड़े। मां ने उन रुपयों में से लगभग 50'000 रुपए बीच वाली लड़की को ब्याज पर देने के लिए दिए ताकि खर्चा चलता रहे। जब बीच वाले लड़के को जरूरत आ पड़ी तो मां ने उसको भी लगभग 50'000 रुपए दिए । सबसे छोटे पुत्र के पास रहती थी तो मां ने उसको भी रुपए दे दिए जहां मां मरने से चार महीने पहले तक रही । जब उस शहर से जहां उनका एक साझा घर था उसे बेचा तो मां बड़े और बीच वाले पुत्रों के साथ चली गई क्योंकि सबसे छोटे पुत्र ने भी अपना घरेलू सामान भेज दिया इसलिए कि वह भी अपने बड़े भाईयों के साथ रहना चाहता था पर किसी कारण से उसने अपना घर वहीं बना लिया और मां बड़े बेटों के साथ दूसरे राज्य में चली गई जहां वह कुछ महीने बीच वाली बेटी के पास रही और फिर दो महीने बाद बड़े बेटे के पास रहने लगी मां को गंभीर बीमारी थी मां ने एक दिन बताया कि इतने रुपए बीच वाले लड़के के पास हैं और लगभग 50'000 छोटे लड़के के पास हैं जो बीच वाली लड़की ने वापस किए जो ब्याज पर लिए थे यह सब बताने के कुछ दिन बाद उनका देहांत बड़े बेटे के घर में हुआ। अब आखिर में मां की तेरहवीं हुई जिसमें लगभग 1.00.000 लाख का खर्च हुआ जो तीनों बेटों ने किया। फिर मां को दिए रुपए का हिसाब हुआ जिसमें सिर्फ 30,000. हजार रुपए हिसाब में लगे। लगभग 1.20.000 रुपए गायब हुए जिस में से कुछ बीच वाले लड़के ने लिए , कुछ छोटे ने लिए। पर इस कहानी में सबसे ज्यादा नुक्सान बड़े बेटे को हुआ। क्योंकि मां को बुढापे के सहारे के लिए दिए रुपए जो उपरोक्त लिखित हैं बीच वाले लड़के और छोटे लड़के ने अपने रुपए वापस ले लिए पर बड़े बेटे को नुक्सान रहा । बाकी सब फैदे में रहे।। इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि इस संसार में कोई किसी का सगा नहीं सब पैसे के होते हैं। बस नेकी कर कुएं में डाल। यह कहानी आप को कैसी लगी जरूर बताएं धन्यवाद

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